Friday, July 11, 2008

ग़लत दिशा आपकी दशा बदल सकती है और ग़लत दशा आपकी दिशा बदल सकती है

ग़लत दिशा आपकी दशा बदल सकती है और ग़लत दशा आपकी दिशा बदल सकती है ,
जीवन में उठाया हुआ एक ग़लत कदम कई पीढियों तक जीवन की दिशा और दशा बदल देता है |लोग बिना सोचे विचारे जीवन में बड़े बड़े निर्णय ले लेते हैं ,वोह यह विचार भी नहीं करते की ,किस निर्णय के क्या दूरगामी परिणाम होंगे ,भविष्य में क्या असर पड़ेगा ,इसी कथन पर एक कथा है ,जो एक राजा की है ,एक बार एक राजा को राज्य छोड़कर भागना पड़ा ,दुश्मनों का वर्चस्व होने के कारण राजा को अपना परिवार लेकर राज्य से भागना पड़ा |
अपने विश्वासपात्र लोगों के पास जाकर राजा गुप्त रूप से रहने लगा ,राजा के साथ उसकी बेटी भी थी ,राज्य छोड़ने के बाद भी राजा ने अपनी बेटी को सारे संस्कार और मान मर्यादाएं सिखायीं ,समय गुजरता गया और बेटी भी उम्र के साथ बड़ी होती गई ,राजा की बेटी को आस पास रहने वाले एक संगीतकार से प्यार हो गया ,और वोह चुपचाप वहां से भागने का विचार बनाने लगी ,इस सब की भनक राजा को ला गई ,राजा सधर्मी और सद्भावी था सो उसने इस सब को सम्हालने की के लिए ख़ुद ही अपनी बेटी की मदद करने का मन बनाया ,उसे पता था की उसकी बेटी ग़लत निर्णय कर रही है और परिणाम भी ग़लत ही भोगेगी ,सो उसे सही राह पे लाने के लिए ,उसने अपनी बेटी के पास जाकर कहा की अगर तुम पलायन करके ही जीवन बसना चाहती हो ,तो मेरी मदद मांगने में क्या जाता है ,इस जंगल में पैदल कितना भागोगी ,मेरे दो घोडों में से एक ले जाओ |बेटी को लगा की उसके पिता उसकी मदद कर रहे है तो घोडे लेकर ही जाना चाहिए |
राजा ने अपनी बेटी के सामने दो घोडे खड़े कर दिए ,एक बूढा घोड़ा और एक जवान घोडी ,और कहा की इन दोनों में अपने अपने गुन हैं ,जो घोड़ा तुम्हें ठीक लगे उसे लेकर चली जाओ ,बेटी के मन में गुणों की बात सुनकर कुछ आशंका आई सो उसने अपने पिता से पूंछा की आप ही इनके गुन बता दो की क्यूँ में इनमे से कोई एक घोड़ा लेकर जाऊं ,राजा ने दोनों घोडो के बारे में बताना शुरू किया ,की यह बूढा घोड़ा सामान्य गति से दौड़ता है ,ख़ुद के निर्णय पर चलता है ,खानदानी है ,हमारे खानदान की इसके खानदान के कई पूर्वजों ने सेवा की है ,इसमें कोई कमी नहीं है ,है तो बस यह की यह धीमे धीमे और साधारण गति से चलता है ,और मेरी राय में तुम्हें येही घोड़ा ले जाना चाहिए ,बेटी को लगा की पिता मदद के नाम पर धीमी चल वाला घोड़ा देके उसके किए धराये पे पानी फेरना चाहते हैं सो वोह पिता से बोली की आप ,मुझे यह जवान घोडी क्यूँ नहीं देते ,क्या गुन हैं इसके यह भी बताईये ,राजा बोला की यह घोडी जवान है ,हष्ट पुष्ट है ,बिजली की तेजी से भागती है ,सब गुन ही गुन हैं इसमें,बस एक दुर्गुण है इसमें ,इसकी माँ की माँ ने अपने बच्चे को जन्मे देते समय पानी देख लिया था और पानी से डरने लगी थी तोह यह पानी से डरने का गुन इसके सारे खानदान में गया है ,यह दौड़ती तेज़ है मगर पानी देखकर ठिठक जाती है |और निरंकुश हो जाती है यहाँ तक की स्वर को भी चोट पहुंचा देती है |
राजा का इतना कहना था की उसकी बेटी उल्टे पांव वापस लौट गई और घर से भागने का विचार छोड़ दिया ,कारण था वो संस्कार जो राजा ने उसे दिए थे ,समझार को इशारा काफ़ी ,बूढा घोड़ा दिखाकर राजा ने अपने आप को इंगित किया था ,अपने खानदान को दिखाया था ,बताया था की धीमे चलने से और सही निर्णय से जीवन सुधार जा सका है ,वहीँ उस जवान घोडी को दिखाकर उसने अपनी बेटी की होने वाली दुराशा दिखाई थी मकी जब दुर्गुण ,और ग़लत निर्णय ले लिए जाते हैं तो वोह खून का हिस्सा बनकर कई पीढियां बर्बाद कर देते हैं ,जल्दबाजी के निर्णय केवल कष्ट देते है और कुछ भी नहीं |जब घोडी की माँ की माँ के गुन और डर ,आज कई पीढियों के बाद घोडी में मौजूद है तोह स्वाभाविक है की बेटी का आज उठाया हुआ ग़लत कदम कई पीढियों की दिशा और दशा बदल देगा |येही वह ज्ञान था जो एक बूढा बाप अपनी जवान बेटी को देना चाहता था |
निर्णय भविष्य देखके लिए जाएँ तो अच्छा ,निर्णय शास्त्र सांगत हो तो अच्छा ,निर्णय पारिवारिक सहमती और सन्मति से हो तो अच्छा ,और सबसे बड़ी बात निर्णय धीरे धीरे और सोचसमझकर लिए जाय तो बहुत ही अच्छा क्यूंकि
ग़लत दिशा आपकी दशा बदल सकती है और ग़लत दिशा आपकी दशा बदल सकती ही
अमितोम

3 comments:

Raag said...

So loving a man was a wrong decision? It is only India where love is considered a sin most of the times.

आलोक said...

पाश्चात्य - खासतौर पर अमरीकी - परिपेक्ष्य में स्त्री और पुरुष के संबंध के सामने और सब संबंध गौण है, इसलिए raag के सवाल को उसी परिपेक्ष्य में देखना चाहिए।

Anil Kumar said...

"So loving a man was a wrong decision? It is only India where love is considered a sin most of the times."

Love was not a wrong decision. But the decision to elope with the lover without telling the only guardian who has shown intense trust and support for years is wrong. That's the reason the King wanted to show her daughter that eloping is a wrong decision. Mind you, her relationship with her lover after the end of story is not commented upon.

प्रेम तो परमेश्वर तक पहुंचने की एक सीढ़ी है।